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 जैन हिन्दी समाचार (Jain News in Hindi)  2008
  

 पूजन प्रशिक्षण शिविर
 कोटा, 14 दिसम्बर, 2008:  शहर के महावीर नगर प्रथम स्थित आदिनाथ दिगम्बर जैन मंदिर में आचार्य शतिंसागरजी महाराज के सानिध्य में चल रहे पूजन प्रशिक्षण शिविर में रविवार को बडी संख्या में लोगो ने पहुंच कर प्रशिक्षण प्राप्त किया |

 आठ बाल ब्रम्हचारिणी दीदियों ने ‘आर्यिका’ की दीक्षा ग्रहण की
 कोटा, October 10, 2008:  गणिनी आर्यिका विशुद्धमती माताजी के सानिध्य में गुरुवार को यहां आठ बाल ब्रम्हचारिणी दीदियों ने ‘आर्यिका’ की दीक्षा ग्रहण की। इसके अलावा एक ब्रम्हचारणी दीदी आभा की मां रेशमदेवी ने ‘क्षुल्लिका’ दीक्षा ली।
आयोजकों का दावा है कि देशभर में यह पहला अवसर है, जब एक साथ 8 ब्रम्हचारिणी दीदियों ने दीक्षा ग्रहण की। इस अविस्मरणीय पल के गवाह देशभर से आए हजारों जैनधर्मावालंबी बने। दीक्षा समारोह में गुरुवार सुबह श्रीजी का कलशाभिषेक हुआ। उसके बाद स्वस्ति आराधना तथा प्रवचन हुए। विशुद्धमती माताजी ने दीक्षा के महत्व पर प्रकाश डाला। दीक्षा मंडप का उद्घाटन, दीप ज्योत्सना, जिन ध्वज वंदन के आयोजन के बाद दीक्षा विधि आरंभ हुई। सभी दीक्षार्थी बहनों के धर्म के माता-पिताओं ने चोक भराई की रस्म अदा की। जनसमूह से दीक्षा की अनुमति के बाद मंत्रोच्चार के साथ दीक्षा प्रक्रिया शुरू हुई।
   सबसे पहले विशुद्धमती  माताजी ने आभा दीदी के केश लोच किए। उसके बाद बारी-बारी से सभी दीदियों के केश लोच किए गए। इस अवसर पर आभा दीदी की मां रेशमदेवी, आभा दीदी, पूनम दीदी, प्रतिभा दीदी, अनिता दीदी, वनमाला दीदी, सीमा दीदी, सविता दीदी, अंजू दीदी आदि ने दीक्षा ली। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राजस्थान हाईकोर्ट के न्यायाधीश नरेंद्र कुमार जैन थे। अध्यक्षता शहर कांग्रेस अध्यक्ष शांति धारीवाल ने की। विशिष्ट अतिथि नि:शक्त आयुक्त खिल्लीमल जैन, संसदीय सचिव भवानी सिंह राजावत तथा ओम बिरला थे।
- भास्कर न्यूज


गणिनी आर्यिका विशुद्धमती माताजी के सानिध्य में गुरुवार को यहां आठ बाल ब्रम्हचारिणी दीदियों ने ‘आर्यिका’ की दीक्षा ग्रहण की। इसके अलावा एक ब्रम्हचारणी   दीदी आभा की मां रेशमदेवी ने ‘क्षुल्लिका’ दीक्षा ली।






  कल्पध्रुम विधान शुरु
 
Ladnun, October 4, 2008: दिगंबर जैन समाज के तत्वावधान में कल्पध्रुम विधान का शुभारंभ शनिवार 4 October को हुआ| विधान शुभारंभ अवसर पर निकाली गई मंगल कलश यात्रा में दिगंबर जैन समाज के लोगो ने भाग लेकर आस्था परिचय दिया |
  दिगंबर जैन समाज का उदयपुर संभाग में आक्रोश
  बांसवडा, 19 सितंबर, 2008: बांसवडा मे जैनाचार्य के सामने कुछ युवको की ओर से अशुद्ध पदार्थ फेकने के विरोध में शुक्रवार को बांसवाडा जिला पूरी तरह बंद रहा | बांसवाडा मे सकल दिगंबर जैन समाज ने बंद का आह्वान किया | संत के अपमान के विरोध में उदयपुर, डूंगरपुर सहित अन्य क्षेत्रो में जैन समाज के लोगो ने रैली निकाली और कलेक्टर को ज्ञापन देकर दोषियो के खिलाफ कारंवाई की मांग की |

  पचार के जैन मंदिर में 34 प्राचीन मूर्तिया चोरी
 
दांतारामगढ (सीकर), सितंबर 4, 2008 -पचार के तीन सो साल पुराने जैन मंदिर का ताला तोडकर चोर अष्टधातु की 32 और बेशकीमती पाषाण कि दो मूर्तियो सहित चांदी के दो छत्र व चांदी के सिक्के चुरा ले गए|चोरी की सूचना पाकर पुलिस अधीक्षक व आचार्य विधासागरजी महाराज की शिष्या साध्वी हेमादीदी भी मोके पर पहुची| घटना से आक्रोशित जैन समाज के लोगो ने हेमादीदी के साथ पुलिस के खिलाफ मोन जुलूस निकाला | 
- दैनिक भास्कर
  देलवाडा जैन मंदिर विवाद

 
Jaipur, June 25, 2008: देलवाडा जैन मंदिर के विवाद मे स्वामित्व के मुद्दे पर जैन श्वेताम्बर महासभा और देलवाडा जैन सोसायटी खुलकर आमने सामने आ गए है। श्वेताम्बर जैन महासभा ने मंदिरो पर महासभा के स्वामित्व की बात दोहराते हुए पूर्व स्थिति की बहाली की मांग की, नही तो 30 जून को उनके अध्यक्ष आमरण अनशन पर बैठेगे।
  दूसरी और देलवाडा जैन सोसायटी ने मंदिरो पर अपना स्वामित्व बताया।

 राष्ट्रीय पंच कल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव 9 जून से टोंक मे

 
Kota, May 24, 2008:  जैन मुनि सुधा सागरजी महाराज के सान्निध्य मे टोंक जिले के आवां गांव में 9 से 14 जून तक राष्ट्रीय त्रिकाल चोबीसी जिनबिंब पंच कल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव मनाया जाएगा। इसमें भगवान आदिनाथ, शांतिनाथ और श्रीपार्श्वनाथ की प्रतिमाओ की प्राण प्रतिष्ठा की जाएगी।
   9 जून को गर्भ कल्याणक, 10 जून को गर्भ कल्याणक (उत्तर रूप), 11 जून को जन्म कल्याणक,  12 जून को तप कल्याणक,  13 जून को ज्ञान कल्याणक एवं 14 जून को मोक्ष कल्याणक के मांगलिक कार्यक्रम होगे। महोत्सव मे मुनि गंभीर सागर, घेर्य सागर, ब्रह्मचारी संजय भैय्या, प्रदीप उपस्थित रहेगे।

 
तपस्विनी क्षुल्लिका सिद्धमति ने देह त्यागी
Ladnun, Ferburary 08, 2008
तपस्विनी क्षुल्लिका सिद्धमति ने तपस्या के जरिए अपने जीवन को   गुरूवार सुबह  त्याग दिया।   बस स्टैड स्थित जैन भवन मे 11 दिन उन्होने अन्न जल का त्याग कर रखा था।

कांकरोली के जैन मंदिर से सात मूर्तिया व सिंहासन चोरी
Rajsamand राजसमन्द, October 2, 2007: राजसमन्द के कांकरोली रेलवे स्टेशन मार्ग पर  श्री शांतिनाथ  दिगंबर जैन मंन्दिर से भगवान पा्र्श्वनाथ व आदिनाथ की अष्टधातु से निर्मित सात मूर्तिया व सिंहासन मंदिर के ताले तोड़ कर चोर चुरा कर ले गेए।  इस मंदिर मे चोरी की यह तीसरी  घटना है।


पा्र्श्वनाथ की स्वर्ण रथ पर निकली शोभा यात्रा
Sujangarh, September 26, 2007:   दिगंबर जैन समाज के दशलक्षण पर्व की समाप्ति पर अनंत चतुर्दशी के दिन शाम को दिगंबर जैन मंन्दिर से भगवान पा्र्श्वनाथ की स्वर्ण रथ पर शोभा यात्रा निकली । गाजे बाजे के साथ आर्यिका गणिनी स्याद्वादयमती के सानिघ्य मे निकली शोभा यात्रा नगर के मुख्य मार्गो से होती हुई  मंदिर आकर विसर्जित हुई।

चिन्मय सागरजी का नशामुक्ति यज्ञ
(Chinmaysagarji Nasamukti Ygya)
 Kota (कोटा), September 8, 2007: कोटा और रावतभाटा के बीच कोलीपुरा के जंगल मे रविवार को आचार्य विधासागरजी के शिष्य मुनिश्री चिन्मय सागरजी का नशामुक्ति और विश्वशांति महायज्ञ होगा। इसमे राजनेता व अन्य राज्यो के हजारो श्रघ्दालु भाग लेगे।  इस अवसर पर मांस-मदिरा व अंडे-मछली के सेवन सहित बुराइयां छुडवाने के लिए थपथ पत्र भराए जायेगे।

जैन मंदिर प्रतिमाएं चोरी
जून 26, 2007 : रामगंजमंडी कस्बे के डंडवा रोड  स्धित जैन नसियाजी में मंदिर का ताला तोडकर चोर सोमवार रात   भगवान की दो अष्टधातु  प्रतिमाएं और 4 दानपात्र चुरा ले गए। नसियाजी में  पिछले माह बिब स्थापना की गई धी।

श्रुत पंचमी महापर्व पर कार्यक्रम

 Sujangarh (सुजानगढ़), June 20, 2007
दिगंबर जैन मंदिर में आर्यिका स्याद्वदमती के सानिध्य मंगलवार को  श्रुत पंचमी महापर्व पर कार्यक्रम हर्षोल्लास पूर्वक मनाया गया । महापर्व के तहत सुबह सात बजे जिनवाणी मां को पालकी में विराजित कर बैङबाजे के साथ जुलूस निकाल़ गया।
  जुलूस में काफी संख्या समाज के महिला पुरूषो ने भाग लिया । जुलूस के बाद मिश्रीलाल बागङा, सॊहनलाल बागङा, दानमल सोपानी व मुकेश कुमार ने समवशरण में विराजमान जिन प्रतिमाओं का कलशाभिषेक किया ।

 
                                                                                            

                                                                        (Hindi Version)

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