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खण्डगिरि
- भुवनेश्वर स्टेशन से 4
मील पर खण्डगिरि और उदयगिरि नाम की
दो पहाड़ियाँ हैं | यहीं से कलिंग देश
के राजा जसरथ के 500 पुत्र मुनि बनकर मोक्ष गए हैं |
यहां पर हाथीगुफा में ई.पू.
दूसरी शताब्दि का शिला लेख हैं जो णमोकार मंत्र से
आरंभ होता है और भारत वर्ष के प्रथम सम्राट जिनधर्मी राजा
खरबेल के शासन काल की प्रशस्ति को अमिट बनाये हुए हैं | |