श्री दिगम्बर जैन सिद्ध क्षेत्र, बनेड़िया
पता - ग्राम - बनेड़िया , तहसील -
देपालपुर, जिला - इन्दौर, (मध्यप्रदेश)
पिन - 453115 टेलिफोन नं. - 07322- 220231
भौगोलिक स्थिति - मध्यप्रदेश के औद्योगिक शहर इन्दौर से 45 कि.मी. पश्चिम दिशा
की ओर देपालपुर एवं बनेड़िया की सीमा पर विशाल सरोवर के तट पर
सैकड़ों वर्ष प्राचीन भीमकाय मोरसली, वट एवं आम्र वृक्षों के बीच यह तीर्थ क्षेत्र स्थित है |
क्षेत्र का इतिहास एवं महत्व - प्राकृतिक
सौन्दर्य से युक्त यह क्षेत्र लगभग 800 वर्षो से भी
अधिक प्राचीन है | मूलनायक भगवान
अजितनाथ& की श्वेतवर्ण पद्मासन प्रतिमा अति
प्राचीन, अतिशय युक्त एवं मुग्धकारी है | यहाँ
अनेक प्राचीन प्रतिमाएँ विराजमान हैं |
किंवदन्ती है कि, यह जैन मन्दिर किसी तपस्वी
द्वारा आकाश मार्ग से यहाँ विशाल
तालाब के तट पर उतारा गया
है | सम्पूर्ण भारत में एकमात्र इस मंदिर की नींव नहीं है | यह उड़ा हुआ मंदिर कहलाता है |
यहां दो मंदिर तथा 5 वेदियाँ हैं |
क्षेत्र पर उपलब्ध सुविधाएँ -
आवास - कमरे - 30, हाल - 1, (यात्री क्षमता- 100+25),
यात्री ठहराने की कुल क्षमता - 300, भोजनशाला - उपलब्ध,
औषधालय - उपलब्ध, पुस्तकालय - उपलब्ध, एस.टी.डी., पी.सी.ओ. - उपलब्ध |
आवागमन के साधन :- रेल्वे स्टेशन - गौतमपुरा
रोड 21 कि.मी., इन्दौर 45 कि.मी. |
बस स्टैण्ड - देपालपुर - 4 कि.मी. | पहुँचने
का सरलतम मार्ग - इन्दौर से बनेड़िया सड़क मार्ग, उज्जैन, धार, गौतमपुरा से सड़क मार्ग, बस, टेम्पो, जीप सुविधा उपलब्ध |
समीपवर्ती तीर्थक्षेत्र - गोम्मटगिरि - 80 कि.मी.,
सिद्धवरकुट - 125 कि.मी., मक्सी - 95 कि.मी.
निकटतम प्रमुख नगर -इन्दौर 45 कि.मी., देपालपुर - 4 कि.मी. |
वार्षिक मेला - प्रतिवर्ष चैत्र सुदी पूर्णिमा को वार्षिक मेला भरता है |
_______________________________________________________________________________________ श्री
दिगम्बर जैन अतिशय क्षेत्र, सार्वजनिक न्यास, जामनेर
. पता
- ग्राम - जामनेर.
तहसील - शुजालपुर मंडी
जिला -
शाजापुर (मध्यप्रदेश) .
पिन नं. -
465335 , फोन
नं. - 07360 - 254701
.
भौगोलिक स्थिति -
मध्यप्रदेश के मालवा अंचल में भोपाल - उज्जैन
मार्ग पर शाजापुर जिले में शुजालपुर एवं
कालापीपल रेल्वे स्टेशन से 9 कि.मी. की दूरी पर
जामनेर स्थित है |
. क्षेत्र का
इतिहास एवं महत्व - यह
प्राचीन अतिशय
क्षेत्र पवन मंदिर, जामनेर के नाम से प्रसिद्ध है
| यहाँ भगवान आदिनाथ की 6& फुट
ऊँची चतुर्थकालीन प्राचीन पद्मासन
प्रतिमा विराजमान है | अन्य तीर्थंकरों की परमार
युगीन 6 प्रतिमाएँ भी यहाँ विराजमान हैं | विगत 30 वर्षों से
भी अधिक समय से यहाँ गुड़ी पड़वा
को वार्षिक मेला भरता है |
. क्षेत्र पर उपलब्ध
सुविधाएँ - आवास - कमरे - 7, हाल - 1, (यात्री क्षमता- 30), यात्री
ठहराने की कुल क्षमता - 35, अन्य - धर्मशाला का निर्माण कार्य जारी है | भोजनशाला- उपलब्ध
|
. आवागमन के साधन :- रेल्वे
स्टेशन - शुजालपुर
मंडी 9 कि.मी., कालापीपल
9 कि.मी. | बस
स्टैण्ड - सड़क
मार्ग से भोपाल -
इन्दौर - काला पीपल,
जामनेर 85 कि.मी., आष्टा,
शुजालपुर एवं कालापीपल से
निरन्तर बस सेवा |
समीपवर्ती
तीर्थक्षेत्र - मक्सी - 90
कि.मी., चाँन्दखेड़ी - 200
कि.मी., पुष्पगिरि - 100 कि.मी., गोम्मटगिरि
(इन्दौर) - 175 कि.मी. |
निकटतम प्रमुख नगर - शुजालपुर
9 कि.मी., भोपाल - 85
कि.मी., इन्दौर - 175 कि.मी.
|
वार्षिक मेला
- चैत्र सुदी एकम - गुड़ी पड़वा |
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श्री दिगम्बर जैन सिद्ध क्षेत्र, सिद्धवरकूट
पता - पोस्ट - मान्धाता, औंकारेश्वर,
जिला - खण्डवा, (मध्यप्रदेश), पिन - 450554
भौगोलिक
स्थिति - सिद्धवरकुट
सिद्ध जिले में औंकारेश्वर तीर्थ
क्षेत्र में नर्मदा-कावेरी नदियों के संगम पर पश्चिम
की ओर स्थित है | यहाँ सनावद
से औंकारेश्वर होते हुए एन.एच.डी. सी. द्वारा
निर्मित पुल से या बड़वाह
सड़क मार्ग से पहुँचा जा
सकता है |
क्षेत्र का इतिहास
एवं महत्व - रेवा-कावेरी नदियों के संगम पर स्थित
सिद्ध क्षेत्र से दो चक्रवर्ती, 10 कामदेव व साढ़े तीन करोड़ मुनि
मोक्ष गये हैं | भट्टारक महेन्द्रकीर्ति ने
संवत् 1935 में स्वप्न पाकर
वनों में भ्रमण किया फलस्वरुप
भगवान चन्द्रप्रभु एवं आदिनाथ की अति
प्राचीन मूर्तियाँ एवं विशाल मंदिर
दृष्टिगत हुये | जीर्णोद्धार
पश्चात संवत् 1951 में प्रतिष्ठा
द्वारा यह क्षेत्र प्रकाश
में आया | वर्तमान में यहाँ
मानस्तम्भ चरण छत्री सहित 13
मंदिर विद्यमान हैं, जिनमें सफेद
संगमरमर से निर्मित भगवान
नेमिनाथ मंदिर, श्री शांतिनाथ मंदिर,
बाहुबली मंदिर, दो चक्री
दशकुमार मंदिर पार्श्वनाथ मंदिर, आदिनाथ
मंदिर आदि प्रमुख हैं | क्षेत्र के
समीप सर्व रोग मुक्ति, कष्ट निवारक
कुण्ड स्थित है | कुण्ड के
समीप अति प्राचीन
पाण्डुकशिला स्थित है,
पुरातत्व की दृष्टि से
महत्वपूर्ण है |
क्षेत्र पर
उपलब्ध सुविधाएँ -
आवास - कमरे 40, हाल - 1 (यात्री
क्षमता- 20), गेस्ट हाऊस - 3,
यात्री ठहराने की
कुल क्षमता - 500, भोजनशाला - उपलब्ध, औषधालय-
उपलब्ध, एस.टी.डी.
/ पी.सी.ओ. - उपलब्ध |
आवागमन के साधन :-
रेल्वे स्टेशन -
औंकारेश्वर रोड़ (मोरटक्का)
- 12 कि.मी. |
बस स्टैण्ड - औंकारेश्वर - 2
कि.मी., बड़वाह - 18 कि.मी. |
पहुँचने का सरलतम मार्ग -
औंकारेश्वर से नाव द्वारा
या बड़वाह से जीप, कार, बस द्वारा |
समीपवर्ती
तीर्थक्षेत्र - ऊन
(पावागिरि) - 110
कि.मी., बावनगजा
- 200 कि.मी., गोम्मटगिरि - 80
कि.मी., बनेड़िया - 125 कि.मी.,
मक्सी - 150 कि.मी., नेमावर - 140
कि.मी. |
निकटतम प्रमुख नगर -
बड़वाह - 18 कि.मी., सनावद - 18 कि.मी.
|
वार्षिक मेला - फाल्गुन
सुदी 15 व एकम चैत्र वदी 1 को
एवं होली पर लगता है | बाहुबली स्वामी का
तीन दिवसीय
महामस्तकाभिषेक आयोजन |
विशेष - सिद्धवरकूट
के निकट नर्मदा
किनारे औंकारेश्वर
जल विद्युत परियोजना
(बांध) (एन.एच.डी.सी.
द्वारा 520 मेगावाट
जल विद्युत परियोजना),
नर्मदा नदी का हावना दृश्य,
औंकारेश्वर तीर्थ, बिना खम्बे वाला पुल व
झूला पुल, श्री णमोकार धाम व श्री
सिद्धाचलम् पोदनपुरम् आदि
अन्य स्थल भी सिद्धवरकूट क्षेत्र के समीप हैं |
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श्री तालनपुर दिगम्बर जैन अतिशय क्षेत्र, तालनपुर
पता - पोस्ट - कुक्षी , जिला -
धार (मध्यप्रदेश), पिन ; नं. - 454331, फोन
नं. - 07297 - 234836
. भौगोलिक स्थिति -
अतिशय क्षेत्र तालनपुर मध्यप्रदेश के
दक्षिण - पश्चिम में धार जिले की कुक्षी
तहसील में कुक्षी से 3 कि.मी. दूर खण्डवा - बड़ौदा
राजमार्ग क्रं. 26 पर स्थित है |
क्षेत्र का इतिहास एवं महत्व - इस अतिशय
क्षेत्र का उद्भव करीब 150 वर्ष पूर्व एक
किसान को खेत में जुताई करते समय भूगर्भ से 13
मूर्तियाँ मिलने से हुआ | भूगर्भ से प्राप्त
इन 13 मूर्तियों में छोटी व 5 बड़ी मूर्तियाँ हैं |
यहाँ विराजमान भगवान मल्लिनाथ कि 3.5 फीट ऊँची
पद्मासन प्रतिमा संवत् 1335 की है |
क्षेत्र पर उपलब्ध सुविधाएँ -
आवास - कमरे -4, हाल - 1, (यात्री क्षमता- 20),
यात्री ठहराने की कुल क्षमता - 30, भोजनशाला - उपलब्ध |
आवागमन के साधन :-
रेल्वे स्टेशन - दाहोद (गुजरात) - 110 कि.मी. | बस स्टैण्ड - तालनपुर
| सरलतम मार्ग -
इन्दौर - धार - राजगढ़ - कुक्षी - तालनपुर | इन्दौर -
बड़वानी - कुक्षी - तालनपुर |
समीपवर्ती तीर्थक्षेत्र - बावनगजा
- 39 कि.मी., बागगुफा (धार)
- 23 कि.मी., पावागढ़ -
150 कि.मी., बड़वानी - 28 कि.मी. |
निकटतम प्रमुख नगर - कुक्षी - कि.मी. |
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श्री दिगम्बर जैन सिद्ध क्षेत्र, पावगिरि, ऊन
पता - ग्राम - ऊन, तह./ जिला - खरगोन (म.प्र.) पिन -
451440 टेलीफोन - 07282 - 261328
भौगोलिक स्थिति - ऊन पावागिरि सिद्ध क्षेत्र
खण्डवा-बडौदा राजमार्ग क्रं. 26 पर स्थित है, जो
कि खण्डवा रेल्वे स्टेशन से 103 कि.मी., इन्दौर से 160
कि.मी., खरगोन जिला मुख्यालय से 17 कि.मी.,
आगरा-मुबंई राष्ट्रीय राजमार्ग
क्रं. 3 जुलवानिया से खरगोन की ओर 27 कि.मी. है |
क्षेत्र का इतिहास एवं महत्व - सिद्ध क्षेत्र
ऊन पावागिरि की खोज वीर निर्वाण
संवत् 2440 ईसवी सन् 1914 के लगभग हुई
थी | यह स्वर्णभद्र मुनि की मोक्षस्थली है | यहाँ
भगवान महावीर की 3 फीट ऊँची पदमासन
प्रतिमा क्षेत्र के पुजारी श्री चेतनलाल जैन
को स्वप्न देकर भूगर्भ से प्राप्त हुई
थी | प्रतिमा पर उत्कीर्ण लेख से प्रतिमा के 800 वर्ष
प्राचीन होने का प्रमाण मिलता है | यहाँ 11वीं एवं 12वीं
शताब्दी के मंदिर व मूर्तियाँ हैं|
यहाँ एक छोटी
पहाडी़ पर चेलना नदी के
किनारे भगवान श्री शान्तिनाथ का भव्य मंदिर
है | जिसमें शान्तिनाथजी की साढे़
बारह फीट ऊँची प्रतिमा के दोनों
ओर आठ-आठ फीट ऊँची
प्रतिमा के दोनों ओर आठ-आठ ; फीट ऊँची
भगवान कुन्थुनाथ एवं अरहनाथजी की प्रतिमाएँ
हैं | मंदिर के बारहवीं शताब्दी में निर्मित
होने के प्रमाण मिलते हैं |
यह मंदिर राजा बल्लाल द्वारा निर्मित 99 मंदिरों में
से है | मंदिर के समक्ष
विशाल मान स्तम्भ व दो
मंदिर है, जिनमें महावीर स्वामी,
चन्द्रप्रभु स्वामी की प्रतिमाएँ विराजित है |
शान्तिनाथ पहाडी़ मंदिर के पास
छोटी पहाडी़ पर पाँच मंदिर व एक समाधि
स्थल है, जिसे पंच पहाडी़
कहते हैं |
क्षेत्र पर उपलब्ध सुविधाएँ -
आवास - कमरे - 27+6, हाल 3 (यात्री क्षमता- 50),
गेस्ट हाऊस - 1, यात्री ठहराने की कुल क्षमता - 200,
भोजनशाला - उपलब्ध, औषधालय -
उपलब्ध (आयुर्वेदिक), पुस्तकालय - उपलब्ध,
विद्यालय - उपलब्ध (गुरुकुल), एस.टी.डी. / पी.सी.ओ. उपलब्ध
|
आवागमन के साधन :-
रेल्वे स्टेशन - सनावद - 80 कि.मी.,
खण्डवा - 105 कि.मी. |
बस स्टैण्ड - ऊन | पहुँचने का
सरलतम मार्ग - सड़क मार्ग
इन्दौर, खण्डवा, खरगोन से
बस सेवा उपलब्ध है |
समीपवर्ती
तीर्थक्षेत्र -
बावनगजा - 80 कि.मी.,
सिद्धवरकूट - 110 कि.मी.,
तालनपुर - 110 कि.मी., गोम्मटगिरि - 160 कि.मी.
|
निकटतम प्रमुख नगर - खरगोन - 18 कि.मी. |
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