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जैन तीर्थ (Jain Tirth )
बिहार प्रान्त (Bihar) |
पावापुरी सिद्ध क्षेत्र
पावापुरी
सिद्ध क्षेत्र - बिहारशरीफ
स्टेशन से 12 मील | ; नवादा
से मोटर भी जाती है |
यहाँ से महावीर स्वामी कार्तिक कृष्णा अमावस्या
को मोक्ष गए | यहाँ का जल मन्दिर
दर्शनीय है | उसी
में भगवान के चरण चिह्न स्थित है |
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कुण्डलपुर
कुण्डलपुर - राजगृही के पास
नालंदा स्टेशन से 2 मील | यह भगवान महावीर
का जन्म स्थान माना जाता है |
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चम्पापुर - मंदारगिरि सिद्ध क्षेत्र
चम्पापुर - मंदारगिरि
सिद्ध क्षेत्र - भागलपुर
स्टेशन के निकट |
वासुपूज्य स्वामी की
पांचों कल्याणकों की स्थलियां यहीं हैं | |
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राजगृही
राजगृही - राजगिरि कुण्ड से 4
मील अथवा बिहारशरीफ से 24 मील | यह राजा श्रेणिक
की राजधानी थी |
यहाँ विपुलाचल, सुवर्णगिरि,
रत्नागिरि, उदयगिरि,
वैभारगिरि, ये पांच
पहाड़ियाँ प्रसिद्ध हैं |
इन पर 23 तीर्थंकरों
के समवशरण आये थे
तथा कई मुनि
मोक्ष भी गए हैं |
(केवल भगवान वासुपूज्य
का समवशरण नहीं आया था) | |
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पटना पटना
- पटना सिटी
में गुलजार
बाग स्टेशन के
पास एक छोटी सी टेकरी पर
चरण पादुकाएँ स्थापित हैं |
यहाँ से सेठ सुर्दशन ने
मुक्ति लाभ किया था | |
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गुणावा गुणावा
- पटना जिले
के नवादा
स्टेशन से डेढ़
मील | यहाँ से गौतम स्वामी
मोक्ष गए हैं | |
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