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प्रमुख जैन साहित्य
ग्रंथ एवं रचनाएँ
आ0 कुन्द कुन्दः- समयसार,प्रवचनसार,
नियमसार, पंचास्तिकाय,
रयणसार, मूलाचार, अष्ट
पाहुड
आ0 पुष्पदंत एवं आ.भूतबलीः-
षट्खंडागम,कषायपाहुड
आ0 अमृतचन्दः- पुरुषार्थ
सिद्धि उपाय,समयासार
कलश समयासार की टीका "आत्म
ख्याति"
आ0 अकलंक देवः-
तत्त्वार्थ
राजवार्त्तिक,अष्टशती,न्याय
विनिश्चय,सिद्धि
विनिश्चय
आ0 मानत्तुंगः- भक्तामर
स्तोत्र
आ0 उमास्वामीः-
तत्वार्थसूत्र
आ0 नेमिचन्द्र
सिद्धान्त चक्रवतीः-
लब्धिसार,क्षपणसार,द्रव्य
संग्रह,त्रिलोक,गोमट्टसार
(जीवकाण्ड,कर्मकाण्ड)
आ0 समन्तभद्रः-
रत्नकरण्ड श्रावकाचार,स्वयंभू
स्तोत्र,आत्म-मीमाँसा
आ0 विद्यानन्द स्वामीः-
श्लोक वार्तिक,अष्ट
सहस्त्री
आ0 धर्मभूषणः- न्याय
दीपिका
आ0 पूज्यपादः- इष्टोपदेश,समाधि
तंत्र,सर्वार्थ सिद्धि
आ0 शुभचन्द्रः-
ज्ञानर्णव,श्रेणिक
चरित्र
आ0 वीरसेन स्वामीः- धवला
टीका
आ0 रविषेणः- पद् मपुराण (जैन
रामायण)
आ0 गुणधरः- कषाय पाहुड
आ0 माणिक नंदीः-
परीक्षामुख
आ0 वीरनन्दी स्वामीः-
आचारसार
आ0 प्रभाचन्द्रः- प्रमेय
कमल मार्त्तण्ड
आ0 जिनसेन-1:- हरिवंश पुराण
2:- आदिपुराण
आ0 देवसेनः- आलाप पद्धति,नय
चक्र
आ0 जयसेनः- समयसार की
टीका- "तात्पर्यवृत्ति"
आ0 गुणभद्र-1:-
आत्मानुशासन, उत्तर
पुराण 2:- धन्यकुमार
चरित्र
यतिव्रषभाचार्यः- तिलोय
पण्णत्ति,चूर्णि सूत्र
आ0 वादिराजः- एकीभाव
स्तोत्र
आ0 कुमुदचन्द्रः- कल्याण
मंदिर स्तोत्र
धनंजय कविः- विषाहार
स्तोत्र
आ0 वसुनन्दिः-
श्रावकाचार,प्रतिष्ठा
सार संग्रह
आ0 सकलकीर्तिः- आदिपुराण,
उत्तरपुराण जैन महाभारत,शान्तिनाथ-
मल्लिनाथ चरित्र,पाश्व्रपुराण
महावीर पुराण सार
संग्रह,व्रत कथा कोष,मूलाचार
प्रदीप
आ0 सोमकीर्तिः- चारुदत्त
चरित्र,यशोधर चरित्र,प्रद्दुम्न
चरित्र
आ0 कुमार स्वामीः-
कार्तिकेय अनुप्रेक्षा
आ0 भद्रबाहुः- भद्रबाहु
संहिता
आ0 अमितगतिः- भावना
द्वात्रिंशतिका
आ0 पध्मनंदिः-
पंचविंशतिका
आ0 शिव कोटिः- भगवती
आराधना
आ0 सूर्यसागरः- संयम
प्रकाश (4 भाग)
आ0 देश भूषणः- जैन धर्म का
एतिहास
पं0 राजमलः- लाठी संहिता,हनुमान-जम्बू
स्वामी चरित्र,शान्तिनाथ
पुराण
पं0 टोडरमल जीः- मोक्ष
मार्ग प्रकाशक,सम्यग्ज्ञान
चन्द्रिका,गोमट्टसार,लब्धिसार
व क्षपणसार की टीकाएँ
पं0 आशाधरः- सागार
धर्मामृत, अनगार
धर्मामृत, अमरकोष
टीका,प्रतिष्ठापाठ-
भव्य कुमुद चन्द्रिका
पं0 बनारसीदासः- समयसार
नाटक
पं0 दौलतरामः- छह ढाला
पं0 जुगल किशोरः- मेरी
भावना
आ0 विद्यासागरः- मूक माटी,
जैन गीता
क्षु0 जिनेन्द्र वर्णीः-
जिनेन्द्र सिद्धान्त
कोष,शान्ति पथ प्रदर्शन,नये
दर्पण
आ0 ज्ञान सागर जी (ब्र0भूरामल
जी):- जयोदय महाकाव्य
धनंजय कविः- विषापहार स्तोत्र
असंग कविः- शान्तिनाथ
चरित्र,वर्धमान चरित्र
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